Monday, March 8, 2021

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ

 


    "बेटी करे गर्भ से पुकार"

    ------------------------------


बेटी करती अर्ज गर्भ से,

सुन लो मेरी पुकार ......।

जन्म  दो  मुझे  गर्व  से,

देख पाऊं मैं यह संसार।



मैं  भी  ईश का अंश हूं, 

जन्म मरण का  सार। 

यह जग योनि चक्कर, 

अटल सत्य का आधार। 



मैं सृष्टि की सुंदर रचना, 

हर इक युग का उद्धार। 

बिन  मेरे  सब अपूर्ण, 

असत्य और निस्सार। 



मैं  लक्ष्मी, दुर्गा ,काली, 

मैं ज्वाला, धार  तलवार। 

जन पालक पोषण करती, 

दुष्टों  का करती  संहार। 



मैं  होंसलों  की  उड़ान, 

इतिहास की सशक्त नार। 

नक्षत्रों में रहस्य खोजती,

सुर्य चन्द्रमा शक्ति अपार।



मैं उत्पन्ना आदि जगत की, 

हर रिश्ते से जुड़े हैं तार। 

मां,पत्नी, बहन,बेटी,बहू,

निस्वार्थ प्रेम,स्नेह अपार।



 जन्म  मुझे  भी  लेने दो,

 क्यों देते हो कोख में मार।

बेटी बन , बेटा कह लाऊं,

पुण्य समझ, करो उपकार। 



 बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,

न हो तुच्छ सोच, तिरस्कार। 

परम हितेषी मात-पिता की,।

पाकर सदा श्रेष्ठ  संस्कार।



शीला सिंह 

बिलासपुर हिमाचल प्रदेश🙏

No comments:

Post a Comment

मैं पढ़ने जाऊ़ंगी

 'बाल कविता'  ------------------ मां मैं भी पढ़ने पाठशाला जाऊंगी ज्ञान पा मैं पढ़ी-लिखी कहलाउंगी घर का सारा काम भी  मैं  करूंगी अच्छ...