Wednesday, January 6, 2021

जीवन कैसे जीना है

 




जीवन ईश्वर का दिया हुआ अनमोल तोहफा है, जो बड़ी मुश्किल से मिलता है। 'इसे काटना नहीं जीना है'और वह भी जिंदादिली से। हर व्यक्ति अपने जीवन में खुशी चाहता है जीवन खुशहाल बना रहे, इसलिए खुशी के मौकों को बटोरने की चेष्टा रहनी चाहिए। जीवन में सुख दुख निरंतर चलते रहते हैं। दुखो का सामना भी करना पड़ता है। मगर खुशहाल जीवन के लिए खुशियों को इकट्ठा करना पड़ता है। दुखो का सामना करेंगे तभी सुख काअनुभव करेंगे। कुछ लोग दुख के समय किस्मत को दोष देते हैं, यह भी गलत है। क्योंकि कुछ हद तक दुख आत्म जनित होते हैं । उन से बाहर आने का प्रयास भी होना चाहिए। दुखी मानसिकता चिंताओं को जन्म देती है। चिंता व्यक्ति को अंदर ही अंदर से खाती रहती है और जिंदा लाश बना देती है अतः चिंता से दूर रहैं । हमेशा खुश रहे। दुखों को हंसते हुए बर्दाश्त करेंगे तो चिंता नहीं  बढ़ेगी । दूसरों की सहायता करना भी अपना स्वभाव बनाएं क्योंकि जितनी खुशी हमें दूसरों की सहायता करने से मिलती है उतनी खुशी खुद की सहायता करने से नहीं मिलती । हंसना ,मुस्कुराना भी जीवन में खुशियां प्रदान करता है। यह एक अमूल्य स्वभाव है चेहरे पर प्रसन्नता रहेगी तो मन भी प्रसन्न रहेगा। आज आम आदमी को जीवन यापन करना कितना मुश्किल हो गया है। जीवन निर्वाह के लिए धन जुटाना पड़ता है भागदौड़ करनी पड़ती है अतः शारीरिक क्षमता बनाए रखने के लिए और मानसिक शांति हेतु  व्यायाम, योग, ध्यान आदि का सहारा लेना चाहिए । क्योंकि जब हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा तो तनाव कम होगा और हम तंदुरुस्त बनेंगे । प्यार करना और प्यार बांटना जीवन में खुशियां लाता है।प्यार भरा जीवन प्रसन्नता का आधार है। सदैव सकारात्मक सोच रखें ,क्रोध ना करें क्षमा का भाव रखने से मनुष्य का आत्म सम्मान बढ़ता है।  तनाव कम हो ,इसके लिएअच्छी अच्छी जगहों जैसे -धार्मिक स्थानों, पर्यटन स्थलों में भी कभी कभार घूम लेना चाहिए। दुख युक्त  अतीत की बातों को भुला कर वर्तमान में जीवन जीना चाहिए। अपने दोस्तों ,प्रियजनों के साथ जितना हो सके समय बताएं। कुछ लोग अपनी कमियों को आंकने का काम करते हैं। अपनी कमियों का विश्लेषण करना कोई बुरी बात नहीं है मगर हीन भावना नहीं आनी चाहिए। हमारी सोच ही हमारे जीवन में बदलाव लाती है। सदैव अच्छा सोचे, जीवन के प्रति अच्छा नजरिया रखें, खुशियां आती जाएंगी जीवन खुशहाल बनता रहेगा। धन्यवाद

"You're only here for a short visit.  don't hurry, don't worry. And be sure to smell the flowers along the way."

Walter Hagen 

-----------------------.


शीला सिंह

 बिलासपुर हिमाचल प्रदेश 🙏

No comments:

Post a Comment

मैं पढ़ने जाऊ़ंगी

 'बाल कविता'  ------------------ मां मैं भी पढ़ने पाठशाला जाऊंगी ज्ञान पा मैं पढ़ी-लिखी कहलाउंगी घर का सारा काम भी  मैं  करूंगी अच्छ...