Wednesday, January 6, 2021

बाल कविता


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'अब पिकनिक कहां मनाए'

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मां अब पिकनिक कहां  मनाए

कोरोना फैला खेलने कहां जाएं


घर की चारदीवारी में ऊब गए हैं

ऑनलाइन क्लास नैन थक गए हैं


 मन  करता  मैं बड़े मैदान  जाऊं

 दोस्तों  संग  मैं खेलूं मौज उड़ाऊं


 बाल  से  खेलूं उछलता  ही जाऊं

 खूब  मजे  करूं मैं  हंसू  हंसाऊ। 



शीला सिंह 

बिलासपुर हिमाचल प्रदेश🙏

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