नूतन वर्ष आया ,
उम्मीदों की सौगात लाया ।
2020 में थी जो,
संकटो कष्टों की तम छाया।
समय चक्र झेला,
कुछ खोया तो कुछ पाया।
कैसी अशुद्ध पवन,
अब तक समझ न आया।
कोई प्राण से हारा
बेबस तड़पे क्षीण काया
मुंह निवाला छिना,
जेब से रूठी भागी माया।
नूतन वर्ष आया,
उम्मीदों की सौगात लाया।
अपनों से दूरी बनी,
मति भ्रम,संदेह भरमाया।
वक्त निष्ठुर काल बन
हल्के हल्के पग चलआया
नूतन वर्ष आया,
उम्मीदों की सौगात लाया।
नव वर्ष करें स्वागत
चाहतों का पिटारा फैलाया
हर इक मन में
आशा किरण दीप जलाया
नूतन वर्ष आया
उम्मीदों की सौगात लाया।
संकट दूर हटेगा
मन गीत अब गुनगुनाया
बीता न लौटे कभी
यही भाव सब उपजाया
नूतन वर्ष आया ,
उम्मीदों की सौगात लाया।
खुशियों के फूल,
कलियों ने रूप सजाया
प्रकृति पुनः उद्धार,
नवल सृजन अब आया
नूतन वर्ष आया
उम्मीदों की सौगात लाया।
शीला सिंह
बिलासपुर हिमाचल प्रदेश 🙏
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