जाते जाते मैं विनय कर जाऊं
मुझे इतना भी बुरा न समझना
मैने ही धर्म की परिभाषा बदली
मैने ही संस्कृति का पाठ पढ़ाया
शहरों को काले धुंयें से बचाया
प्रकृति को भी सौन्दर्यवान बनाया
खण्ड खण्ड बिखरे उन रिश्तों को
इक छत के नीचे रहना सिखाया
आना जाना बंद बन गई मजबूरी
संपर्क सूत्रडिजिटल जाल बिछाया
भारत के हर अजनबी कोने को
जाना समझा चिरपरिचित बनाया
दशकों से मैली ,नदियों का पानी
निर्मल स्वच्छ शुद्ध पवित्र बनाया
ब्रह्मांड प्रदूषित विषधूल कणों से
खूब निखारा पर्यावरण बचाया
मानव को सजा मिली कर्मों की
2020 मुफ्त में बदनाम कराया।
2021हर झोली खुशियां भर जाये
आहत जो मन प्रफुल्लित हो जाये
।
शीला सिंह
बिलासपुर हिमाचल प्रदेश🙏
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