Wednesday, January 6, 2021

लोहड़ी पर्व

 


लोहरी पर्व अति पवित्र,

        पहचान हमारी संस्कृति की।


 पौष मास का अंतिम दिन, 

        और सक्रांति माघ मास की।


तमिल में पोंगल,कर्नाटक 

          केरल में सक्रांति कहलाए।


असम भोगाली ,विहू हरियाणा,                                           

            पंजाब में माधी कहलाए।


 उत्तर प्रदेश खिचड़ी, राजस्थान                                                                 ।             में उत्तरायणी कहलाए।


वर्ष का प्रथम त्योहार,

            समाहित अनेकों कथाएं।


दुल्ला भाटी था इक डाकू,

               पर पंजाब का नायक।


चोरी कर बांटे गरीबों को, 

             यही था उसको जायज।


 सुंदरी मुंदरी दो बहने,

               चाचा से थी शिकायत।


दोनों को बेच राजा को, 

              बनना चाहता था रईस।


 पता चला दूल्हा भाटी को,

               माना दुख बड़ा उसने।


दोनों बहनों का ब्याह रचाया, 

।            कन्यादान किया उसने।


 कुछ नहीं था देने को,

          सेर शक्कर बांध दी उसने।


बिकने से बच गई बहनें,         

     पिता का फर्ज निभाया उसने।


चाहे कथाएं कैसी भी हो,

       जोड़ती प्यार और ममता से।


भिन्न उमंगे, निराली प्रथाएं,

        बांधती एक भाव समता से।


आओ सभी यह पर्व मनाए,

            जीवंत रखें संस्कृति को।


शुभ भावों से सिंचन करें,

        इस मानव संचित कृति को।



शीला सिंह

बिलासपुर हिमाचल प्रदेश🙏

No comments:

Post a Comment

मैं पढ़ने जाऊ़ंगी

 'बाल कविता'  ------------------ मां मैं भी पढ़ने पाठशाला जाऊंगी ज्ञान पा मैं पढ़ी-लिखी कहलाउंगी घर का सारा काम भी  मैं  करूंगी अच्छ...