Tuesday, December 15, 2020

स्वर्ग से सुंदर मेरा भारत

 कविता 

        

       

 डाली डाली पुष्प खिला है 

ये उपवन कितना सुन्दर है, 

मेरा प्यारा ये भारत देश 

'स्वर्ग से सुंदर' है,स्वर्ग से सुंदर है। 


भिन्न संस्कृति के दर्शन होते यहां

मन्दिर मस्जिद चर्च गुरुद्वारा यहां

अनेक जाति धर्म बसते लोग यहां

राष्ट्रीय एकता अखंडता है जहां। 


डाली डाली पुष्प खिला है 

ये उपवन कितना सुन्दर है 

मेरा प्यारा ये भारत देश 

स्वर्ग से सुंदर है,स्वर्ग से सुंदर है। 


नदियां इस देश का गौरव सदा 

मां कह पुकारी, पूजी जाती यहां

श्रद्धाभक्ति की डुबकी लगती यहां

मनोरथ सिद्धी पाये हर जन  यहां 


डाली डाली पुष्प खिला है 

ये उपवन कितना सुन्दर है 

मेरा प्यारा ये भारत देश 

स्वर्ग से सुंदर है ,स्वर्ग से सुंदर है। 


हिमाच्छादित ऊंचे शैल शोभित यहां 

प्रकृति सुन्दर छटा विखेरती जहां

घने जंगल  बहु वन  संपदा  यहां

खेत हरियाली  मन  मोहती सदा 

डाली डाली पुष्प खिला है 

ये उपवन कितना सुन्दर है 

मेरा प्यारा ये भारत देश 

स्वर्ग से सुंदर है, स्वर्ग से सुंदर है। 


अपनी भाषा अपनी बोली यहां 

हर शब्द में मिश्री घोली हो जहां

परम्परायें, रिवाज अति सुखकर 

इक दूजे संग घुल मिल जाते जहां 

डाली डाली पुष्प खिला है 

ये उपवन कितना सुन्दर है 

मेरा प्यारा ये भारत देश 

स्वर्ग से सुंदर है ,स्वर्ग से सुंदर है ।


शीला सिंह 

बिलासपुर हिमाचल प्रदेश 🙏

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