यद्यपि ज्ञान किसी भी व्यक्ति की तीसरी आंख माना गया है ।ज्ञान के माध्यम से वह अनेक विशेष जानकारियां ग्रहण कर लेता है किताबों का अध्ययन कर लेता है । भक्ति भाव, विधान, पूजा ,अर्चना के नियम ,सिद्धांत जानकारी अवश्य ग्रहण कर लेता है ।इस सब के पीछे उसका प्रयोजन कुछ अलग भी हो सकता है ।ज्ञानवान व्यक्ति के हृदय में यदि प्रभु के प्रति प्रेम भाव है तो उसमें अंहभाव अवश्य होगा ।ज्ञान कई बार व्यक्ति के मन में घमंड की उत्पत्ति कर देता है । ऐसे में प्रभु को कैसे पाया जा सकता है ?लेकिन प्रभु तक पहुंचने के लिए प्रभु के प्रति 'प्रेम'ही भक्ति का सबसे सुगम मार्ग माना गया है। ईश्वर को प्राप्त करने का सबसे उत्तम और सरल उपाय प्रेम हो सकता है। क्योंकि प्रेम ईश्वर के प्रति आसक्ति /भक्ति का प्राण है। प्रेम में ही परमात्मा को प्राप्त करने की असीम शक्ति होती है। ज्ञानी व्यक्ति में यदि प्रेम का अभाव है तो उसकी सारी योग्यताएं प्रभावहीन रहती हैं। प्रेम का महत्व महापुरुषों ,सिद्ध ज्ञानियों ने समझा। अपने समय के प्रसिद्ध समाज सुधारक संत कबीर ने भी ढाई अक्षर प्रेम को ही ज्ञान की पराकाष्ठा माना है। बिना प्रेम शास्त्र ज्ञान भी बोझ लगता है । ईश्वर भक्ति में प्रेम के सफल उदाहरण हमारे इतिहास में भरे पड़े हैं-' शबरी का राम के प्रति प्रेम, शबरी के प्रेम में वशीभूत होकर श्रीराम उनके झूठे फलाहार को भी ग्रहण कर गए। श्री राम ने शबरी के फलाहार के रस को सूरस से यानी उपरति की संज्ञा दी ।अर्थात सुरस से बड़ा कोई रस नहीं है ।मीरा का कृष्ण के प्रति अथाह प्रेम, मीरा हर समय भगवान कृष्ण की प्रेम भक्ति में लीन रहती थी ,यह बात राणा को अच्छी नहीं लगी उन्होंने मीरा को पीने के लिए जहर का प्याला दिया । मीरा उसे पी गई लेकिन प्रभु की कृपा से मीरा को कुछ नहीं हुआ ।गोप, गोपियों का कृष्ण के प्रति प्रेम , निनाद का प्रेम, जगत में वनस्पतियों ने भी प्रेम से ही ईश्वर को प्राप्त किया । अतः प्रभु को पाने के लिए ज्ञान ,भक्ति और वैराग्य में प्रेम पूर्ण भक्ति सबसे सुगम मार्ग है । जिसमें सबसे जरूरी है ' मन की निर्मलता ' मन निर्मल होगा वही भक्त ईश्वर को समझ पाएगा । कबीर दास का एक दोहा इसी भाव को लिए हुए हैं-- कबीरा मन निर्मल भया जैसे गंगा नीर, पीछे पीछे हरि फिरें कहे कबीर कबीर। प्रेम सर्वोपरि है ।क्योंकि प्रेम हृदय से देखता है । बुद्धि की आंखों से सर्वोत्तम प्रेम की आंखें हैं ।ईश्वर के प्रति प्रेम भक्ति भावना मनुष्य के मन को असीम शांति प्रदान करती है।
धन्यवाद ।
शीला सिंह
बिलासपुर हिमाचल प्रदेश🙏
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