Monday, December 7, 2020

बाल कविता


         

         'तितली'

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 रंग बिरंगे -पंखों वाली

 प्यारी-2 आंखों  वाली।


 सुंदर तितली उड़ती जाए 

 मन को मेरे बड़ी सुहाय।


 कभी फूल पर ये इतराती 

 कभी पतियों में छुप जाती।


कभी झुंड  में  उड़ती  जाती

तो कभी अकेली आती जाती।


बच्चे इसके पीछे पीछे भागे

हाथ पकड़कर लंबे लंबे धागे।


 कोशिश करते  बांध न पाते

 खुश होते और ताली बजाते।


शीला सिंह

 बिलासपुर हिमाचल प्रदेश🙏

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