Tuesday, October 6, 2020

शिक्षा का महत्व

 मानव जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व है ।  सर्वप्रथम शिक्षा शब्द पर जानकारी जरूरी है ।


 शिक्षा शब्द संस्कृत भाषा के 'शिक्ष' धातु से बना है , जिसका अर्थ है सीखना या सिखाना  ।शिक्षा शब्द का अंग्रेजी समानार्थक शब्द एजुकेशन (Education) जो लैटिन भाषा के एडूकेट्म(Educatum) शब्द से बना है एडकेटम  शब्द का अर्थ है शिक्षण कार्य  ।


कुछ विद्वानों के अनुसार एजुकेशन Education शब्द की उत्पत्ति एडुकेयर (Educare) से हुई है जिसका अर्थ है विकसित करना ।


 शिक्षा का रूप -आकार अति विस्तृत है । यह एक ऐसा साधन है जो मानव को प्राणी जगत के अन्य जीवों से पृथक करता है ।


 शिक्षा के बिना मनुष्य पशु के समान है शिक्षा मानव को एक सामाजिक प्राणी बनाकर सांस्कृतिक धरोहर को आगे आने वाली पीढ़ी को हस्तांतरित करने के योग्य बनाती है  । 


शिक्षा से ही मनुष्य का सर्वांगीण विकास होता है मानव अपना व्यक्तित्व जीवन सुखमय बनाता है 


 ।  शिक्षा समाज की उन्नति के लिए भी महत्वपूर्ण साधन है ।

 

 लेकिन शिक्षा ग्रहण करने का माध्यम केवल किताबें ही नहीं होनी चाहिए, हर वह जानकारी जो अलग-अलग परिवेश ,तरीके से प्राप्त होती है उसका भी विशेष महत्व है। शिक्षा के अंतर्गत अच्छे गुण अच्छे संस्कार निहित होते हैं ।


 किताबी ज्ञान के बल पर व्यक्ति शिक्षित अवश्य होता है परंतु यदि वह अपने आसपास के वातावरण, घटनाओं, प्रसंगो से अनभिज्ञ है, तो वह शिक्षित होते हुए भी अशिक्षित हैं।  

किसी विषय पर जानकारी शिक्षा हो सकती है यदि उसका सदुपयोग किया जाए । शिक्षा का उद्देश्य सीमित नहीं होना चाहिए। किसी भी जानकारी को  घेरे में बंद करके नहीं रखना चाहिए  ।यदि हमें किसी विषय पर जानकारी है  तो उसका सदुपयोग करते हुए उसके विकास पर गतिमान होना चाहिए ।

  

एक योग्य चिकित्सक की चिकित्सा शास्त्र में जानकारी तब तक योग्य नहीं मानी जाएगी जब तक उसका उपयोगी कदम मानवीय सेवा में नहीं बढ़ाया जाता ।  शिक्षित व्यक्ति की अपेक्षा एक अनपढ़ व्यक्ति की जानकारी समय स्थिति अनुकूल बहुत महत्वपूर्ण मानी गई है । वह भले ही अनपढ़ है परंतु ज्ञानी है वह ज्ञान ही उसकी शिक्षा है । यही ज्ञान उसके हृदय में परोपकार की भावना पैदा करता है । मानव मात्र के प्रति संवेदना बढ़ाता है।


 । अतः शिक्षा के माध्यम से ग्रहण की गई जानकारी तब तक महत्वहीन है जब तक वह विकासशील नहीं है , जब तक वह उपयोगी , सदुपयोगी नहीं है ।  जानकारी जो मानव मात्र के कल्याणर्थ  हाे वही असली शिक्षा है ।


 शीला सिंह

 बिलासपुर हिमाचल प्रदेश ।🙏

2 comments:

मैं पढ़ने जाऊ़ंगी

 'बाल कविता'  ------------------ मां मैं भी पढ़ने पाठशाला जाऊंगी ज्ञान पा मैं पढ़ी-लिखी कहलाउंगी घर का सारा काम भी  मैं  करूंगी अच्छ...