सफलता मानव जीवन का मूल मंत्र है । जीवन में सफलता पाने के लिए व्यक्ति निरंतर प्रयास करता है । दुर्भाग्यवश यदि असफलता का सामना करना पड़े तो मनुष्य का हृदय टूट जाता है , बिखर जाता है ,थोड़ी देर के लिए ही सही अपने आप को असहाय महसूस करने लगता है । असफलता भयंकर अंधेरे की भांति लगती है ।
लेकिने बहुत से ऐसे उदाहरण है जहां असफलता या ठोकर लगने के बाद सफलता की चरम सीमा को ग्रहण किया गया है । व्यक्ति के लिए असफलता बहुत बड़ी सीख है , जो उसे आगे बढ़ने की हिम्मत भी देती है और ठोकर से खाए हुए जख्मों पर मरहम लगाने की दवा भी देती है।
अंग्रेजी में एक कहावत है 'स्ट्रगल एंड शाइन' यह कहावत हमें बड़ी शक्ति देती है ,जिंदगी में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है । हमारे जीवन में कठिनाइयां तो आती है और कभी-कभी इतनी अप्रत्याशित कि संभलने का भी हमें समय नहीं मिलता लेकिन जीवन में ठोकर खाकर हम संभलना सीख जाते हैं ।
मुश्किलों से ना घबराकर उनका सामना करना सीख जाते हैं ,एक नया निखार हमारे जीवन में आ जाता है । रसायन शास्त्र का एक नियम हमने पढ़ा है जो जिंदगी पर भी लागू होता है कि -'जब कोई अणु टूट कर पुनः अपने पूर्व अवस्था में आता है तो वह पहले से भी अधिक मजबूत होता है ।'इसी प्रकार मनुष्य के जीवन में परेशानियां तो आएंगे ही लेकिन उन परेशानियों का डटकर मुकाबला करना चाहिए ताकि हमें और मजबूती मिले जीवन में तरक्की के रास्ते खुल जाएं ।
" मुश्किलें ही संवारती है जीवन को, मुश्किलों के बिना जीवन में कांति कहां"
अतः जीवन की विफलताओं से हम बहुत कुछ सीखते हैं । औरों की सफलता को देखकर हमें अपने हृदय को ईर्ष्या और द्वेष का भंडार नहीं बनाना चाहिए बल्कि उससे शिक्षा लेनी चाहिए । दूसरों के सभ्य जीवन से सीख लेकर आत्माेत्थान की भावना होनी चाहिए ।
अच्छे गुणों को आत्मसात करके, सफलता को ग्रहण करके हमारा जीवन औरों के लिए भी प्रेरणा बनना चाहिए ।
इस विषय को लेकर मेरा यह कथन है कि 'जीवन वही सफल है जो हर दिशा से मोती रूपी गुण एकत्रित करके अपने जीवन को सफलता की ऊंचाइयों तक ले जाता है ।'
शीला सिंह
बिलासपुर
हिमाचल प्रदेश ।🙏
Very nice mam
ReplyDeleteVery nice mam
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