कौआ छत पर काँय काँय करता
अतिथिआने का समाचार सुनाता
कोरोना अतिथि जब से आ गया
सब अतिथियों को भगा है दिया।
कौवा तुम ऐसी बाणी रोज सुनाना
नाना नानी मामा मामी को बुलाना
बहुत दिन, बंद हुआ आना जाना
सुन्दर परियों की कहानी सुनाना।
कोरोना जब से बना है महमान
घर में दुबके सोए चादर तान
खेलना कूदना बंद जीना मुहाल
घर बना स्कूल मोबाइल पर काम।
वो खुशहाल दिन कब आएंगे
संग दोस्तों के स्कूल हम जाएंगे
मस्ती करेंगे खूब नाचेंगे गाएंगे
बुरे वक्त को अब अच्छा बनाएंगे।
शीला सिंह
बिलासपुर हिमाचल प्रदेश🙏
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