Friday, October 16, 2020

कोरोना सबको सीख ले गया

 16 अक्टूबर 2020

' कोरोना सबको सीख दे दिया'

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कोरोना आया जो दे गया सीख हम सभी को ।

बन गए अत्याधुनिक भूल थे अपनी संस्कृति को।


याद करो जब दादी ब्रह्म मुहूर्त मैं उठा करती थी ।

फिर   सब    को   जगाने, आवाज लगाया करती थी।


स्नान करके सुंदर भजन गुनगुनाया करती थी।

धूप की सुगंध फैलती ,घंटी ताल में बजती थी ।


सीताराम राधेश्याम आरती पूरे घर में गूंजती थी।

शुद्धि हेतु  पूरे  घर  में गंगाजल छिड़कती थी।


प्रसाद की थाली हर सदस्य के आगे घूमती थी ।


मां भी खूब दादी कीआज्ञा का पालन करती थी ।

कहीं विसर न जाए अपनी संस्कृति वह डरती थी ।


झाड़ू पोछा  पवित्र  स्नान फिर चूल्हाचौका करतीथी।

सूर्यउदय से पहले सभी को स्नान करने की परंपरा थी।


प्रथम भोग प्रभु को लगता फिर सभी को अनुमतिथी।


वाह रे करोना पुराने दिनों की याद करा गया।

सोए थे चिर निंद्रा में तू सब को जगा गया ।


 उन नियमों और संस्कारों को सबको थमा गया ।

 घर परिवार देश की चिंता का पाठ सिखा गया।


चिंता आज अपनी  नहीं पूरी मानवता हम से जुड़ीहै

हर प्राण की डगर ना जाने किस दिशा में मुड़ी है।


 कुछ दिन की दूरियां पर दिल में सब का वास है ।

पूर्ण   स्वस्थ   निरोगी    हर जनमानस की तीव्र आस है 


 शीला सिंह

 बिलासपुर हिमाचल प्रदेश

🙏

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